साहित्य में मुख्यधारा के सवाल

हिंदी-उर्दू के कुछ विशिष्ट हस्ताक्षरों का जन्म 1926-27 में हुआ। हालांकि कुंवर नारायण, नामवर सिंह, ख़लील-उर-रहमान आज़मी, साजिदा ज़ैदी, रमानाथ अवस्थी, मोहम्मद अल्वी, नरेश कुमार शाद, गुलज़ार देहलवी, इब्ने-इंशा,...

रंग-बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियाँ-9

नियमित ब्लॉग विवेक मेहता की प्रस्तुति…. रंग-बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियाँ-9               हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के चुटकुलों/कटाक्ष/हास्य लहरियों...

प्रसिद्ध कवियों/लेखकों की दोस्ती के किस्से

गूंज बाक़ी… हमारी इस शृंखला में इस बार मित्रता दिवस का विशेष संदर्भ, किसी किताब के पन्ने नहीं बल्कि यादों के वरक़। हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी के प्रसिद्ध साहित्यकारों...

व्यंग्य की काव्य-यात्रा: कबीर से समकाल तक

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य की काव्य-यात्रा: कबीर से समकाल तक          गद्य-व्यंग्य के सुव्यवस्थित रूप में विकसित होने से बहुत पहले...

‘आत्मसंभवा आण्डाल’: भक्ति साहित्य में स्त्री-स्वर

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. ‘आत्मसंभवा आण्डाल’: भक्ति साहित्य में स्त्री-स्वर           आज जिस पुस्तक पर चर्चा है वह कथा साहित्य का हिस्सा...

नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-5

पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से…. नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-5            पिछली कड़ियों में हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के चुटकुलों/कटाक्ष/हास्य...

साहित्य की आत्मा और सिनेमा का पर्दा

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. साहित्य की आत्मा और सिनेमा का पर्दा              लेखकीय भावना के साथ न्याय या निर्देशक का व्यवसायिक रूपांतरण,...
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