नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-5

पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से…. नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-5            पिछली कड़ियों में हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के चुटकुलों/कटाक्ष/हास्य...

साहित्य की आत्मा और सिनेमा का पर्दा

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. साहित्य की आत्मा और सिनेमा का पर्दा              लेखकीय भावना के साथ न्याय या निर्देशक का व्यवसायिक रूपांतरण,...

अवधूत कौन है?

गूंज बाक़ी… इस शृंखला में साहित्य के पुरखों की अमूल्य धरोहरों का सिंहावलोकन… हज़ारी प्रसाद द्विवेदी (19.08.1907-19.05.1979) लिखित पुस्तक ‘कबीर’ एक संदर्भ ग्रंथ की प्रतिष्ठा रखती है। कबीर के...

एक शहर में सपने बिकते हैं… शानी का निबंध

गूंज बाक़ी… शानी यानी गुलशेर ख़ान शानी (16 मई 1933—10 फ़रवरी 1995) हिंदोस्तानी साहित्य के बावक़ार नाम रहे हैं। काला जल, सांप और सीढ़ी, सब एक जगह जैसे अफ़सानों...

साठोत्तरी साहित्य: विद्रोही चेतना, विमर्श और द्वंद्व

नोट्स विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. साठोत्तरी साहित्य: विद्रोही चेतना, विमर्श और द्वंद्व             साठोत्तरी साहित्य भारतीय रचनाकाल का वह कालखंड है, जो...

अथ श्री पद्म-पुरस्कारम् प्रपंच कथा

पाक्षिक ब्लॉग भवेश दिलशाद की कलम से…. अथ श्री पद्म-पुरस्कारम् प्रपंच कथा           भारत रत्न तक के चयन पर उंगली उठती है, तब पद्म पुरस्कारों...

आलोचक वीरेंद्र यादव होने के मायने

शख़्सियत को जानें चंद्रेश्वर की कलम से…. आलोचक वीरेंद्र यादव होने के मायने             अग्रज लेखक-आलोचक वीरेन्द्र यादव से मेरी पहली मुलाक़ात वर्ष 1989...

अक्षर ब्रह्म-नाद ब्रह्म और संत वाणियां

पाक्षिक ब्लॉग शम्पा शाह की कलम से…. अक्षर ब्रह्म-नाद ब्रह्म और संत वाणियां               स्कूल के दिनों में जब संत कवियों को पढा...

अपनी रचना में पूरे मौजूद विनोद कुमार शुक्ल

याद बाक़ी स्वप्निल श्रीवास्तव की कलम से…. अपनी रचना में पूरे मौजूद विनोद कुमार शुक्ल              जब भी विनोद कुमार शुक्ल की कविताएं पढ़ता...
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