बर्फ़ीला तूफ़ान.. हडसन नदी में तैरती बर्फ़, सड़कों पर ढेर

(न्यूयॉर्क से) विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. बर्फ़ीला तूफ़ान.. हडसन नदी में तैरती बर्फ़, सड़कों पर ढेर             जनवरी की तेज़ शीतलहर के...

खेद है – एक राष्ट्रीय भावना का आधुनिक संस्करण

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

ब्रेन ड्रेन, ब्रेन गेन या ब्रेन वेस्ट?

विवेक रंजन श्रीवास्तव नवंबर से अमेरिका प्रवास पर हैं और अन्य देशों की यात्राओं पर भी जाने वाले हैं। इस दौरान वह रोज़ाना शब्दों को समय दे रहे हैं।...

गणतंत्र की हिन्दू राजनीति और राज्यदर्शन को देन

गणतंत्र की हिन्दू राजनीति और राज्यदर्शन को देन               ‘प्राचीन भारत में जनतंत्र’, यह एक पुस्तक नहीं बल्कि जनतंत्र की खोज का दस्तावेज़...

सलाम मार्क टली… यादें, क़िस्से और किताबें

सलाम मार्क टली… यादें, क़िस्से और किताबें             भारत में अंग्रेज़ी पत्रकारिता का पर्याय कहे गये तो कभी बीबीसी की भारत की आवाज़ तो...

वॉन गॉग का कान

देश की विभिन्न गंभीर समस्याओं, देश के विकास की राह और सामाजिक विडंबनाओं पर चिंतन व विमर्श के लिए, दिशा दर्शन के लिए कलाकार का, लेखक का कोई दायित्व...

निराला और वीणावादिनी

निराला और वीणावादिनी महाप्राण निराला के काव्य में ​वीणावादिनी की गूंज, आभा और उपस्थिति अपरम्पार दिखती है। वह भारती वंदना करते हैं तो उसका स्वरूप भी वीणावादिनी का है,...

बदीउज़्ज़मां, जैसा मैंने उन्हें जाना

याद बाक़ी… यह संस्मरण अकार-68 में प्रकाशित है, जो इस पत्रिका के सहायक संपादक श्री जीवेश के सौजन्य से साभार प्राप्त हुआ। ‘तुम भूल न जाओ उनको…’ बस इसी...

भारत में परिवारवाद

व्यंग्य आदित्य की कलम से…. भारत में परिवारवाद             ब्रह्मांड की उत्पत्ति कैसे हुई? पृथ्वी कैसे बनी? देवता कहाँ से आए? स्वर्ग, नरक और...