गूंज बाक़ी… इस लेख में साहित्य अकादमी व ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित हिंदी कवि ने भारत व पाकिस्तान के उर्दू साहित्य, प्रगतिवादी दौर के बाद उर्दू साहित्य और हिंदी...
विरोध, प्रतिरोध, प्रतिकार… ऐसे शब्द साहित्य और समाज में अक्सर सुनायी दे रहे हैं लेकिन इनकी ध्वनि क्या कोई आकार ले पाती है? ये आवाज़ें बेअसर क्यों हैं और...