मुशायरे: रिवायत, अहमियत और फ़ायदे-2

नियमित ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. मुशायरे: रिवायत, अहमियत और फ़ायदे-2              अब रुख़ करते हैं दिल्ली के दीगर मुशायरों की तरफ़। दरबारी...

हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘आबो-हवा’

‘आबो-हवा’ का सीधा मतलब जलवायु है और शायरी में यह बाहर और भीतर की कैफ़ियत के हवाले से दर्ज होता रहा है। कहीं-कहीं तो यह प्रतीक भी बन जाता...

यह है उर्दू की ऑलटाइम बेस्टसेलर फंतासी

डॉ. आज़म की कलम से…. यह है उर्दू की ऑलटाइम बेस्टसेलर फंतासी              यह उर्दू की सर्वाधिक लोकप्रिय मसनवियों में से एक है। इस...
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