प्रेमचंद, सज्जाद ज़हीर और प्रगतिशील आंदोलन

31 जुलाई प्रेमचंद जयंती पर ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. प्रेमचंद, सज्जाद ज़हीर और प्रगतिशील आंदोलन             तरक़्क़ी-पसंद अदीबों का पहला ग्रुप साल 1935...

कैलाशचंद्र पंत का जाना

इसी वर्ष पद्मश्री से नवाज़े गये और भोपाल में ‘दादा’ संबोधन से पुकारे गये कैलाशचंद्र पंत के निधन का समाचार 31 जुलाई की सुबह उनके नज़दीकियों के माध्यम से...

प्रसिद्ध कवियों/लेखकों की दोस्ती के किस्से

गूंज बाक़ी… हमारी इस शृंखला में इस बार मित्रता दिवस का विशेष संदर्भ, किसी किताब के पन्ने नहीं बल्कि यादों के वरक़। हिंदी, उर्दू और अंग्रेज़ी के प्रसिद्ध साहित्यकारों...

मुंशी प्रेमचंद: हिंदी का बेस्टसेलर लेखक

लेखक को जानें मधूलिका श्रीवास्तव की कलम से…. मुंशी प्रेमचंद: हिंदी का बेस्टसेलर लेखक             मुंशी प्रेमचंद (31.07.1880—08.10.1936) हिंदी साहित्य के ऐसे युग-प्रवर्तक साहित्यकार...

त्यागपत्र की ताक़त

हास्य-व्यंग्य मुकेश असीमित की कलम से…. त्यागपत्र की ताक़त               वो त्यागपत्र अपनी जेब में रखते हैं… ये क्या कम बात है! जेब...

छात्र आंदोलन का मंत्र, निडर नागरिक ही लोकतंत्र

डॉ. आकिब जावेद की कलम से…. छात्र आंदोलन का मंत्र, निडर नागरिक ही लोकतंत्र             “जब युवाओं का विश्वास डगमगाने लगता है, तब समाज...

प्रतिमाएं और स्मृति-राजनीति का एक दशक

महापंडित कहे जाने वाले राहुल सांकृत्यायन (09.04.1893-14.04.1963) की प्रतिमा ध्वस्त किये जाने की घटना के परिप्रेक्ष्य में प्रतिमा-स्थापना एवं ध्वंस की संस्कृति के एक दशक (2016-2026) की पड़ताल निबंध...

कॉकरोच वहीं होते हैं, जहाँ गंदगी है

उलटबाँसी विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. कॉकरोच वहीं होते हैं, जहाँ गंदगी है            सुनो साधो! पहले कॉकरोच घर के कोनों में मिलते थे।...
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