गूंज बाक़ी… डॉ. जाफ़र रज़ा संपादित किताब ‘बज़्मे ज़िंदगी:रंगे शायरी’ की भूमिका फ़िराक़ गोरखपुरी (28.08.1896-03.03.1982) ने 12 अक्टूबर 1970 को ‘मैं और मेरी शायरी’ शीर्षक से लिखी थी। भाषा...
इंद्रधनुष-10: शकील जमाली ग़ज़ल ने पिछली कुछ दहाइयों से जो नया लहजा, नया रंग इख़्तियार किया है, जिसे विद्वान जदीद शाइरी भी कहते हैं, उसने अपना एक ख़ानदान बना...
इंद्रधनुष-8 : रुख़साना जबीन की शायरी 1955 में कश्मीर में जन्मी रुख़साना जबीन को समकालीन उर्दू अदब में ख़ास मुकाम हासिल है। कश्मीर में मुस्लिम महिला होते हुए...