इंद्रधनुष-8 : रुख़साना जबीन

इंद्रधनुष-8 : रुख़साना जबीन की शायरी   1955 में कश्मीर में जन्मी रुख़साना जबीन को समकालीन उर्दू अदब में ख़ास मुकाम हासिल है। कश्मीर में मुस्लिम महिला होते हुए...

उर्दू शायरी की ‘डेवलपमेण्ट टाइमलाइन’

पुस्तक चर्चा डॉ. दीपक रुहानी की कलम से…. उर्दू-शायरी की ‘डेवलपमेण्ट टाइमलाइन’                 समकालीन विमर्शों पर चर्चा के क्रम में जब उत्तर...

इंद्रधनुष-7 : डॉ. तारिक़ क़मर

इंद्रधनुष-7 : डॉ. तारिक़ क़मर   ‘नयी ग़ज़ल में इमेजरी’ विषय पर अपना शोध प्रबंध लिखने वाले डॉ. तारिक़ क़मर उर्दू शाइरी में अपनी एक ख़ास पहचान बना चुके...

जुड़ती कड़ी, सिमटता हिसार और अकबर इलाहाबादी

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. जुड़ती कड़ी, सिमटता हिसार और अकबर इलाहाबादी               शेर का मा’नी वक़्त और हालात के साथ...

मेरा नारा इंक़िलाब-ओ-इंक़िलाब-ओ-इंक़िलाब

पाक्षिक ब्लॉग ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. मेरा नारा इंक़िलाब-ओ-इंक़िलाब-ओ-इंक़िलाब            उर्दू अदब में जोश मलीहाबादी वह आला नाम है, जो अपने इंक़लाबी कलाम से...

अली सरदार जाफ़री – नवम्बर मेरा गहवारा है…

पाक्षिक ब्लॉग ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. अली सरदार जाफ़री – नवम्बर मेरा गहवारा है…           कोई ‘सरदार’ कब था इससे पहले तेरी महफ़िल में...

अख़्तरुल ईमान: उर्दू अदब में जदीद नज़्मों की इब्तिदा

पाक्षिक ब्लॉग ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. अख़्तरुल ईमान: उर्दू अदब में जदीद नज़्मों की इब्तिदा             अख़्तरुल ईमान अपने दौर के संजीदा शायर...

हस्बे-हाल, सुख़न और उबैदुल्लाह अलीम

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. हस्बे-हाल, सुख़न और उबैदुल्लाह अलीम              फ़िक्र की ठोस ज़मीन अब नदारद है। अहसास की बुनियादें खोखली...
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