इंद्रधनुष-8 : रुख़साना जबीन

इंद्रधनुष-8 : रुख़साना जबीन की शायरी   1955 में कश्मीर में जन्मी रुख़साना जबीन को समकालीन उर्दू अदब में ख़ास मुकाम हासिल है। कश्मीर में मुस्लिम महिला होते हुए...

दीवान-ए-आरज़ू: परंपरागत भी आधुनिकता भी

पुस्तक चर्चा प्रद्युम्न शर्मा की कलम से…. दीवान-ए-आरज़ू: परंपरागत भी आधुनिकता भी              ‘दीवान-ए-आरज़ू’, मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से तआल्लुक़ रखने वाली शाइरा अंजुमन मंसूरी...

उर्दू शायरी की ‘डेवलपमेण्ट टाइमलाइन’

पुस्तक चर्चा डॉ. दीपक रुहानी की कलम से…. उर्दू-शायरी की ‘डेवलपमेण्ट टाइमलाइन’                 समकालीन विमर्शों पर चर्चा के क्रम में जब उत्तर...

‘चराग़’ के विषय पर चार शायरों की ग़ज़लें

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...
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