हरेराम समीप और हिंदी ग़ज़ल में कन्फ़्यूज़न

नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हरेराम समीप और हिंदी ग़ज़ल में कन्फ़्यूज़न             ग़ज़ल एक ऐसी सिन्फ़ है, जिसमें शब्दों के रख-रखाव...

हिंदी ग़ज़ल के गिरोह की भावना

नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हिंदी ग़ज़ल के गिरोह की भावना             डॉ. भावना की हैसियत बिहार में परवीन शाकिर से कहीं...

ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में

पाक्षिक ब्लॉग विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में               ग़ज़ल का वज़्न में होना अनिवार्य...
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