October 15, 2026 आब-ओ-हवा जो है सो है हरेराम समीप और हिंदी ग़ज़ल में कन्फ़्यूज़न नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हरेराम समीप और हिंदी ग़ज़ल में कन्फ़्यूज़न ग़ज़ल एक ऐसी सिन्फ़ है, जिसमें शब्दों के रख-रखाव... Continue Reading
August 14, 2026 आब-ओ-हवा जो है सो है हिंदी ग़ज़ल के गिरोह की भावना नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हिंदी ग़ज़ल के गिरोह की भावना डॉ. भावना की हैसियत बिहार में परवीन शाकिर से कहीं... Continue Reading
September 14, 2025 आब-ओ-हवा शेरगोई ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में पाक्षिक ब्लॉग विजय कुमार स्वर्णकार की कलम से…. ग़ज़ल का वज़्न निकालिए: सिर्फ़ एक मिनिट में ग़ज़ल का वज़्न में होना अनिवार्य... Continue Reading