इंद्रधनुष-9 : नोमान शौक़ “मेरे नज़दीक इस मुश्किल वक़्त में शायरी करना क़ब्रिस्तान में वायलिन बजाने जैसा है।” यह कहना रहा है हमारे समय के मक़बूल शायर नोमान शौक़...
हिंदुस्तान यानी एक रंग-रंगीली सरगम। हर सुर, हर रंग एक-दूसरे में घुला-मिला हुआ, रचा-बसा हुआ। यही इंद्रधनुषी धुन देश की तहज़ीब है। प्यार, वाबस्तगी और एका के पैग़ाम सभी...