पुस्तक चर्चा प्रद्युम्न शर्मा की कलम से…. दीवान-ए-आरज़ू: परंपरागत भी आधुनिकता भी ‘दीवान-ए-आरज़ू’, मध्यप्रदेश के छिंदवाड़ा से तआल्लुक़ रखने वाली शाइरा अंजुमन मंसूरी...
पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. आंखें छीनकर तो रोशनी न दिखायी जाये हिंदुस्तानी परिप्रेक्ष्य में मज़हबी जलसे इस तरह होते हैं जैसे हम हर दिन उठते हैं...