Edition 52_11zon
  • May 30, 2026
  • आब-ओ-हवा
  • 0
Edition 52_11zon

आब-ओ-हवा – अंक - 52

भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की यह कड़ी हिंदी पत्रकारिता के 200 बरस पूरे होने के संदर्भ में विशेष। हिंदी पत्रकारिता की चिंता और चिंतन से जुड़े लेख, विश्लेषण, साक्षात्कार, ‘हम बोलेंगे’ ब्लॉग, काव्य और टिप्पणियों का संग्रह। पिछले अंक से शुरू हुए सिलसिले ‘मेरे हिस्से का क़िस्सा’ में इस बार एक पत्रकार की ही आपबीती। अपने तेवरों, प्रासंगिकताओं और वैचारिकताओं के साथ साहित्य, कला, परिवेश पर 15 नियमित ब्लॉग्स- विश्व साहित्य, लेखन और ग़ज़ल की क्लास, किताबों की बातें, कुछ फ़िल्मों की तो कुछ फ़िल्मकारों की कहानियां और…

हिंदी पत्रकारिता के 200 बरस: चिंता का समय

फ़न की बात

मुआयना

ब्लॉग : हम बोलेंगे (संपादकीय)
हिंदी पत्रकारिता की आब-ओ-हवा: भवेश दिलशाद

ब्लॉग : बियॉण्ड द ब्रेन
क्या एआई ने बना लिया है अपना धर्म?: ए. जयजीत

ब्लॉग : तत्वान्वेषण
‘ऐल्गी ट्री’ बनेंगे शहरों के नये फेफड़े?: विवेक रंजन श्रीवास्तव

ब्लॉग : Truth in हेल्थ
प्रकृति अनावश्यक कुछ नहीं करती: डॉ. आलोक त्रिपाठी

सिनेमायने

ब्लॉग : 25 बरस 25 फ़िल्में
विक्की डोनर: एक फ़िल्म से बनी कई की राह: मानस

ब्लॉग : सिनेमा: विश्वकथा
एक शख़्स का जुनून यानी भारतीय सिनेमा की नींव: चारु शर्मा

ग़ज़ल रंग

ब्लॉग : जो है सो है
हिंदी ग़ज़ल में भूमिकाबाज़ी और डीएम मिश्र: ज्ञानप्रकाश पांडेय

ब्लॉग : राज़ल: लौ और धुआं
‘दुनिया मुट्ठी में’ या मुट्ठी से फिसलती दुनिया?: आशीष दशोत्तर

किताब कौतुक

सदरंग

ब्लॉग : लेखन क्या है?
लेखन में अर्थ का वास्तविक घर: डॉ. संजीव

ब्लॉग : तह-दर-तह (विश्व साहित्य)
उपन्यास ‘चौरंगी’ और शंकर का जाना: निशांत कौशिक

ब्लॉग : चींटी के पर
दानुबे नदी किनारे बसी संस्कृति विएना: रति सक्सेना

ब्लॉग : पक्का चिट्ठा
व्यंग्य की काव्य-यात्रा: कबीर से समकाल तक: अरुण अर्णव खरे

ब्लॉग : रंग-बिरंगी
नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-7: विवेक मेहता

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!