गूंज बाक़ी… पिछली पीढ़ियों के यादगार पन्ने हर गुरुवार। वर्षों पहले राजकमल पेपरबैक्स से प्रकाशित ‘चंद्रकांता’ के लिए प्रसिद्ध लेखक-संपादक राजेंद्र यादव ने चालीस से भी अधिक पन्नों की...
साकीबा का दसवाँ वार्षिक समारोह: कहानियों, कविताओं, ग़ज़लों के नाम एक दिन और अतिथि कवियों-कलाकारों का सम्मान साहित्य की बातों को बुनने का जुनून ‘साकीबा’ ...
(विधाओं, विषयों व भाषाओं की सीमा से परे.. मानवता के संसार की अनमोल किताब -धरोहर- को हस्तांतरित करने की पहल। जीवन को नये अर्थ, नयी दिशा, नयी सोच देने...