इतिहास:- जलियांवाला से 60 साल पहले का और क्रूर हत्याकांड, जब फूंके गये थे 5000 भारतीय

इतिहास : जलियांवाला से 60 साल पहले का और क्रूर हत्याकांड, जब फूंके गये थे 5000 भारतीय               इतिहास की लगभग अनसुनी कहानी।...

ग़ज़ल अब

ग़ज़ल अब 1अनजान इक जहां में उतारा गया हमेंपहना के सुर्ख़ जोड़ा सँवारा गया हमें आंखों को मूंदकर उन्हीं राहों पर चल दियेजिन रास्तों से जैसे गुज़ारा गया हमें...

ग़ज़ल तब

ग़ज़ल तब रह-रवी है न रहनुमाई है आज दौर-ए-शिकस्ता-पाई है अक़्ल ले आयी ज़िंदगी को कहाँ इश्क़-ए-नादाँ तिरी दुहाई है है उफ़ुक़-दर-उफ़ुक़ रह-ए-हस्ती हर रसाई में ना-रसाई है हो...

सैर कर ग़ाफ़िल…: एक कलाकार की यूरोप डायरी-5

(शब्द और रंग, दोनों दुनियाओं में बेहतरीन दख़ल रखने वाली प्रवेश सोनी हाल ही, क़रीब महीने भर की यूरोप यात्रा से लौटी हैं। कवि और कलाकार की नज़र से,...

कविता-कहानी कहती कलाकृतियां

कविता-कहानी कहती कलाकृतियां               वाराणसी में एक निजी स्टूडियो है, ‘आकार’, जहां एक कलाकार चित्र और शिल्प रचने में अक्सर व्यस्त देखी जाती...

अपनी बेवतनी से तबाह बूढ़ा दरवेश – ज़िया फ़ारुक़ी

अपनी बेवतनी से तबाह बूढ़ा दरवेश – ज़िया फ़ारुक़ी               एमएचके इंस्टिट्यूट की लाइब्रेरी में किताबों के दरमियान बैठे हुए बूढ़े दरवेश की...

तरह : तरह-तरह से

तरह : तरह-तरह से ग़ज़ल कड़े अनुशासन की पक्षधर है। यहाँ ज़रा-सी कमी होने पर गाड़ी पटरी से उतर जाती है। सबसे बड़ी चुनौती है छंद के अनुपालन की।...
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