रंग बिरंगी: राजनैतिज्ञों-साहित्यकारों की चुटकियां-10

नियमित ब्लॉग विवेक मेहता की प्रस्तुति… रंग बिरंगी: राजनैतिज्ञों-साहित्यकारों की चुटकियां-10              हिंदी-उर्दू साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के चुटकुलों/कटाक्ष/हास्य लहरियों को...

क़िस्सा डॉ. शिवमंंगल सिंह सुमन की क़ैद का

संस्मरण रामप्रकाश त्रिपाठी की कलम से…. क़िस्सा डॉ. शिवमंंगल सिंह सुमन की क़ैद का            जिसका ज़िक्र इस इस फ़साने में है, वह शहर ग्वालियर...

बदीउज़्ज़मां, जैसा मैंने उन्हें जाना

याद बाक़ी… यह संस्मरण अकार-68 में प्रकाशित है, जो इस पत्रिका के सहायक संपादक श्री जीवेश के सौजन्य से साभार प्राप्त हुआ। ‘तुम भूल न जाओ उनको…’ बस इसी...

लाल बिंदी वाली इरफ़ाना

याद बाक़ी…संस्मरण (कुछ वर्ष पहले लिखित) रामप्रकाश त्रिपाठी की कलम से…. लाल बिंदी वाली इरफ़ाना              शब्दशिल्पियों के आसपास में नेहा शरद की फ़ेसबुक...
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