कमलेश भट्ट कमल: नाम बड़ा और दर्शन?

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कमलेश भट्ट कमल: नाम बड़ा और दर्शन?             हिंदी ग़ज़ल में अब तक जितनी भी लीपापोती हुई...

रामकुमार कृषक: विश्वसनीयता का संकट

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. रामकुमार कृषक: विश्वसनीयता का संकट            सत्तर के आस-पास का समय रहा होगा, जब रामकुमार कृषक साहित्य की...

सुल्तान अहमद: ख़ूबियां बनाम ख़ामियां

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. सुल्तान अहमद: ख़ूबियां बनाम ख़ामियां           इस बाज़ारवादी दौर में जब हर व्यक्ति अपनी क़ीमत बढ़ाने में लगा...

ज्ञानप्रकाश विवेक: हिंदी ग़ज़ल का ऊटपटांगपन

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. ज्ञानप्रकाश विवेक: हिंदी ग़ज़ल का ऊटपटांगपन            ज्ञानप्रकाश विवेक हिन्दी साहित्य में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।...

कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?

आलोचना ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कब तक दुष्यंत की पीठ खुजाएगी ‘हिंदी ग़ज़ल’?              मैं जानता हूँ दुष्यंत पर कुछ भी निगेटिव लिखकर...
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