हरेराम समीप और हिंदी ग़ज़ल में कन्फ़्यूज़न

नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हरेराम समीप और हिंदी ग़ज़ल में कन्फ़्यूज़न             ग़ज़ल एक ऐसी सिन्फ़ है, जिसमें शब्दों के रख-रखाव...

इंद्रधनुष-11: देवेंद्र आर्य की कविताई

इंद्रधनुष-11: देवेंद्र आर्य की कविताई गीत, ग़ज़ल, गद्य कविता यानी हिंदी में तीन काव्य रूपों/माध्यमों में अपनी एक सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाने वाले कवि हैं देवेंद्र आर्य। आलोचना भी...

हिंदी ग़ज़ल के गिरोह की भावना

नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हिंदी ग़ज़ल के गिरोह की भावना             डॉ. भावना की हैसियत बिहार में परवीन शाकिर से कहीं...

ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन!

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन!           मेरे गाँव में कहावत है- ‘नाऊ की बारात में...

ग़ज़ल की नयी भाषा

गूंज बाक़ी… ‘कवि मिट जाता लेकिन उसका उच्छ्वास अमर हो जाता है’, इस विचार पर केंद्रित हमारी इस शृंखला में इस बार बहुचर्चित, नयी ग़ज़ल के अग्रणी शायर के...

हिंदी ग़ज़ल में भूमिकाबाज़ी और डीएम मिश्र

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हिंदी ग़ज़ल में भूमिकाबाज़ी और डीएम मिश्र            हिंदी ग़ज़ल के कुश्तीबाज़ ग़ज़लकारों में डी.एम. मिश्रा साहब का...

हिन्दी ग़ज़ल में डॉ. उर्मिलेश

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हिन्दी ग़ज़ल में डॉ. उर्मिलेश           डॉ. उर्मिलेश, दुष्यंत कुमार के बाद की पीढ़ी के महत्वपूर्ण ग़ज़लकार रहे।...

कमलेश भट्ट कमल: नाम बड़ा और दर्शन?

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कमलेश भट्ट कमल: नाम बड़ा और दर्शन?             हिंदी ग़ज़ल में अब तक जितनी भी लीपापोती हुई...

रामकुमार कृषक: विश्वसनीयता का संकट

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. रामकुमार कृषक: विश्वसनीयता का संकट            सत्तर के आस-पास का समय रहा होगा, जब रामकुमार कृषक साहित्य की...
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