सुल्तान अहमद: ख़ूबियां बनाम ख़ामियां

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. सुल्तान अहमद: ख़ूबियां बनाम ख़ामियां           इस बाज़ारवादी दौर में जब हर व्यक्ति अपनी क़ीमत बढ़ाने में लगा...

ज्ञानप्रकाश विवेक: हिंदी ग़ज़ल का ऊटपटांगपन

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. ज्ञानप्रकाश विवेक: हिंदी ग़ज़ल का ऊटपटांगपन            ज्ञानप्रकाश विवेक हिन्दी साहित्य में किसी परिचय के मोहताज नहीं हैं।...

विजय स्वर्णकार: लिख लोढ़ा पढ़ पत्थर!

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. विजय स्वर्णकार: लिख लोढ़ा पढ़ पत्थर             समकालीन हिंदी ग़ज़ल का आकाश जिन दैदीप्यमान नक्षत्रों से पुरनूर...

कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक?

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. कसौटी पर कितने खरे माधव कौशिक?              तक़रीबन दर्जन भर ग़ज़ल संग्रह के रचनाकार डॉ. माधव कौशिक...

वो अदम जिनका दम भरती है हिंदी ग़ज़ल

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. वो अदम जिनका दम भरती है हिंदी ग़ज़ल!             आब-ओ-हवा में जब मेरा लेख ‘कब तक दुष्यंत...

किताब, जादू और डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती ‘रौशन’

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. किताब, जादू और डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती ‘रौशन’             मेरे बाएं हाथ में डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती...

हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘चराग़’

शम्अ, दीया और दीपक शब्द भी शायरी में बख़ूबी बरते जाते रहे हैं लेकिन हमने इस दीवाली के मौक़े पर चुना है लफ़्ज़ ‘चराग़’ या चिराग़। इस लफ़्ज़ को...

ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर

नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. ज़माने की बात को अपनी बात बनाने का शऊर              रहगुज़र बेशक हर वक़्त तैयार रहती है...

इंद्रधनुष-3 : द्विजेंद्र द्विज

इंद्रधनुष-3 : द्विजेंद्र द्विज   (ग़ज़लिया शायरी में जो ‘हिंदी ग़ज़ल’ धारा बह रही है, उसके प्रमुख समकालीन रचनाकारों में द्विजेंद्र द्विज का नाम शामिल है। हिंदी के साथ...
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