इंद्रधनुष-11: देवेंद्र आर्य की कविताई गीत, ग़ज़ल, गद्य कविता यानी हिंदी में तीन काव्य रूपों/माध्यमों में अपनी एक सशक्त उपस्थिति दर्ज करवाने वाले कवि हैं देवेंद्र आर्य। आलोचना भी...
गूंज बाक़ी… दुनिया के हालात के मद्देनज़र कैसे कोई कविता प्रासंगिक हो जाती है! गोपालदास नीरज की एक कविता जैसे फिर ज़िंदा हो गयी है। दशकों पहले कविता पढ़ते...
क्या हैं नवगीत और कैसे? नवगीतों का रंग-रूप और चाल-चरित्र क्या होता है? इस विषय पर नवगीतकार ख़ुद क्या महसूस करते हैं! भोपाल में 5 फरवरी को नवगीत केंद्रित...
निराला और वीणावादिनी महाप्राण निराला के काव्य में वीणावादिनी की गूंज, आभा और उपस्थिति अपरम्पार दिखती है। वह भारती वंदना करते हैं तो उसका स्वरूप भी वीणावादिनी का है,...
शैक्षिक संवाद मंच प्रकाशित करेगा ‘कवितायन’ बांदा। शैक्षिक संवाद मंच उ.प्र. द्वारा आयोजित आनलाइन मासिक कविता पाठ सत्र कवितायन-13 में आमंत्रित रचनाकार...