एक सदी बाद भी ‘दिवास्वप्न’ ही है शिक्षा का लक्ष्य!

प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. एक सदी बाद भी ‘दिवास्वप्न’ ही है शिक्षा का लक्ष्य!             शिक्षा साहित्य में ऐसी पुस्तकें बहुत कम...

बच्चे कैसे पढ़ें धर्मनिरपेक्षता का पाठ!

पाक्षिक ब्लॉग आलोक कुमार मिश्रा की कलम से…. बच्चे कैसे पढ़ें धर्मनिरपेक्षता का पाठ!              शिक्षा के लक्ष्यों में एक महत्वपूर्ण लक्ष्य यह है...

विद्यालयों को आनंदघर बनाने की ज़रूरत

याद बाक़ी – प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. विद्यालयों को आनंदघर बनाने की ज़रूरत               समाज एवं शिक्षकों के समक्ष विद्यालयों को...