मध्य-पूर्व में शांति की अधूरी कहानी

डॉ. आकिब जावेद की कलम से…. मध्य-पूर्व में शांति की अधूरी कहानी            “शक्ति वहाँ केंद्रित होती है, जहाँ ज्ञान और संसाधनों पर नियंत्रण होता...

नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-4

पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से…. नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-4              पिछली कड़ियों में हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के...

क्यों प्रासंगिक बनी हुई है ‘हज़ारों ख़्वा​हिशें ऐसी’?

21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से चयन और इन फ़िल्मों का दस्तावेज़ीकरण… पाक्षिक...

हरिऔध के काव्य में संवेदना और संदेश

निबंध विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. हरिऔध के काव्य में संवेदना और संदेश              साहित्य की दुनिया में कुछ रचनाकार ऐसे होते हैं...
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