ram prakash tripathi, रामप्रकाश त्रिपाठी
  • May 15, 2026
  • आब-ओ-हवा
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ram prakash tripathi, रामप्रकाश त्रिपाठी

आब-ओ-हवा – अंक - 51

भाषाओं के साथ ही साहित्य, कला और परिवेश के बीच पुल बनाने की इस कड़ी में चुनाव के बाद के परिदृश्य का जाएज़ा विषय विशेषज्ञ के नज़रिये से। हिंदी पत्रकारिता के दो सौ साल के संदर्भ में एक विशेष आलेख। इस अंक से ‘मेरे हिस्से का क़िस्सा’ एक ख़ास सीरीज़ की शुरूआत। कवर चित्र का ब्योरा ‘हम बोलेंगे’ ब्लॉग में। अपने तेवरों, प्रासंगिकताओं और वैचारिकताओं के साथ साहित्य, कला, परिवेश पर 15 बेहतरीन ब्लॉग्स– इस बार एक व्यंग्य भी, विश्व साहित्य, लेखन और ग़ज़ल की क्लास, किताबों की बातें, कुछ फ़िल्मों की तो कुछ फ़िल्मकारों की कहानियां और…

दो विशेष सिलसिले

प्रसंगवश

मुआयना

ब्लॉग : हम बोलेंगे (संपादकीय)
FIR पे FIR, शायरी से इतनी दिक्कत क्यों?: भवेश दिलशाद

ब्लॉग : बियॉण्ड द ब्रेन
क्या धर्म को लेकर पक्षपाती है एआई?: ए. जयजीत

ब्लॉग : तत्वान्वेषण
अपने साइलेंस ज़ोन के विकास का समय: विवेक रंजन श्रीवास्तव

ब्लॉग : Truth in हेल्थ
‘ज़हरीले खाने’ का डर, क्या है पूरा सच?: डॉ. आलोक त्रिपाठी

सिनेमायने

ब्लॉग : 25 बरस 25 फ़िल्में
दुर्लभ भारतीय फिल्म क्यों है ‘आँखों देखी’?: मानस

ब्लॉग : सिनेमा: विश्वकथा
चार्ली चैपलिन: परदे के पीछे की पूरी कहानी: चारु शर्मा

ग़ज़ल रंग

ब्लॉग : जो है सो है
हिंदी ग़ज़ल में डॉ. उर्मिलेश: ज्ञानप्रकाश पांडेय

ब्लॉग : राज़ल: लौ और धुआं
बोलती, ठहरती, दिखती, छुपती आवाज़: आशीष दशोत्तर

किताब कौतुक

ब्लॉग : क़िस्सागोई
‘लड़ते हुए लोग’ श्रमिक संघर्ष की कहानियाँ: नमिता सिंह

ब्लॉग : उर्दू के शाहकार
मंटो की वह किताब, जिससे जन्मी नयी विधा: डॉ. आज़म

सदरंग

ब्लॉग : लेखन क्या है?
ध्वनि, शब्द, चेतना… लेखन के आयाम: डॉ. संजीव

ब्लॉग : कला कोलाज
संगीत का चित्रकला में रूपांतरण-1: बृजेंद्र शरण श्रीवास्तव

ब्लॉग : चींटी के पर
रोम एक दिन में नहीं बना: रति सक्सेना

ब्लॉग : पक्का चिट्ठा
सिनेमा में व्यंग्य: भारतीय संदर्भ में अध्ययन-2: अरुण अर्णव खरे

ब्लॉग : रंग-बिरंगी
नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-6: विवेक मेहता

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