21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो एक टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से चयन और इन फ़िल्मों का दस्तावेज़ीकरण…...
गूंज बाक़ी… शानी यानी गुलशेर ख़ान शानी (16 मई 1933—10 फ़रवरी 1995) हिंदोस्तानी साहित्य के बावक़ार नाम रहे हैं। काला जल, सांप और सीढ़ी, सब एक जगह जैसे अफ़सानों...
पेंटर उकेरता यादें और फोटोग्राफर क्षणभंगुरता! चंडीगढ़। छायाकार विरले क्षणों का सौदागर और पेन्टर होता स्मृतियों का सौदाई, संवेदनशील द्वय रचते हैं निःशब्द...
पुस्तक चर्चा डॉ. अस्मिता सिंह की कलम से…. प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियां: नया नज़रिया “प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियाँ”, हिन्दी के अन्यतम आलोचक आनंद प्रकाश...