चुनावी मौसम यूं तो मुल्क में कभी ख़त्म होता नहीं, फिर भी ताजपोशी की हालिया सुर्ख़ियों से ‘कुर्सी’ लफ़्ज़ एकदम से ज़ेह्नों में ताज़ा हो चला है। इस लफ़्ज़...
गूंज बाक़ी… यह महत्वपूर्ण पत्र रबींद्रनाथ ठाकुर उर्फ़ टैगोर ने प्रसिद्ध लेखक शरतचंद्र को लिखा था, जो आब-ओ-हवा के अगस्त 2024 अंक में (‘उम्मीदें’ से साभार) प्रकाशित किया गया...
गूंज बाक़ी… हिंदी लेखक और कवि सुमति अय्यर के साथ यह साक्षात्कार प्रसिद्ध लेखक/कवि अमृता प्रीतम ने लिया था। अंतरंग संबंधों पर आधारित यह बातचीत 1978 की एक पुस्तक...