August 14, 2026 आब-ओ-हवा फ़न की बात साहित्य जनमत बनाने के सिवा करे भी क्या: असग़र वजाहत “साथ, यक़ीं, वाबस्तगी, बिकने थे बेदाम/ आज़ादी जो रख दिया, बंटवारे का नाम”… 1947 में विभाजन की क़ीमत पर आज़ादी मिली। आज हम कितने आज़ाद हैं और कितने विभाजित?... Continue Reading
August 14, 2025 आब-ओ-हवा अनुवाद हिंदी में पढ़िए डब्ल्यू.एच. ऑडेन रचित कविता ‘बंटवारा’ भवेश दिलशाद की कलम से…. हिंदी में पढ़िए डब्ल्यू.एच. ऑडेन रचित कविता ‘बंटवारा’ 15 अगस्त से पहले हर बार 14 अगस्त आता है... Continue Reading