गूंज | हरियश राय लिखित कहानी

सदियों से जन-मानस में शौर्य गाथा सुनाकर रग-रग में बिजली भर देने वाले आल्हा गायन ने कैसे दम तोड़ दिया? रोज़ी या कला के अंत: संघर्ष में घुटते लोक...

ईशिता राजन लिखित कहानी: नया घर

आज का यह भीषण लड़ाकू माहौल जो आपस में, परिवारों में, समाज में और देशों में व्याप्त है… एवं विवाह से पहले ही से संशय, अविश्वास, आरोप-प्रत्यारोप इस विश्वव्यापी...

‘हंगल साहब…’ अपने ही अंदाज़ की कहानियां

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. ‘हंगल साहब…’ अपने ही अंदाज़ की कहानियां             हरि मृदुल का कथा संग्रह ‘हंगल साहब ज़रा हंस...

कितनी त्रासद होती है आग?

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

नई कहानी और महिला कथाकार

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...
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