September 14, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं हिन्दी को बनाने दीजिए मुहब्बत का पुल नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. हिन्दी को बनाने दीजिए मुहब्बत का पुल ज़ुबानें दिलों के बीच एक राब्ता कायम करती हैं। इंसानों... Continue Reading
September 10, 2025 आब-ओ-हवा काव्य हिन्दी-उर्दू शायरी में ‘आबो-हवा’ ‘आबो-हवा’ का सीधा मतलब जलवायु है और शायरी में यह बाहर और भीतर की कैफ़ियत के हवाले से दर्ज होता रहा है। कहीं-कहीं तो यह प्रतीक भी बन जाता... Continue Reading