कहानी- अंडे वाले मौली साब

बीते जीवन की स्मृतियों से गलबहियाँ करना अर्थात अतीत-राग सुखद अहसास होता है, नॉस्टैल्जिया साहित्य के लिए अत्यंत उपजाऊ विषय है क्योंकि यह रचनात्मकता को जन्म देता है। समकालीन...

मैं कौन हूँ! पुराना सवाल नये ढंग से पूछता ‘काकुलम’

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. मैं कौन हूँ! पुराना सवाल नये ढंग से पूछता ‘काकुलम’              भरत प्रसाद का उपन्यास ‘काकुलम’ पिछले...

‘वाद’ के आधार पर नहीं रचा जाता साहित्य: नमिता सिंंह

नमिता सिंह (4 अक्टूबर 1943) … कथा साहित्य का सुपरिचित एवं स्थापित नाम। जनवादी लेखक संघ की पदाधिकारी, प्राध्यापक, ‘वर्तमान साहित्य’ जैसी पत्रिकाओं की संपादक जैसे दायित्वों के बीच...

वर्तमान की विडंबना का आईना है उपन्यास ‘दहन’

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. वर्तमान की विडंबना का आईना है उपन्यास ‘दहन’              प्रतिष्ठित कथाकार हरियश राय का उपन्यास ‘दहन’ पढ़ा,...

नई कहानी और महिला कथाकार

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...
error: Content is protected !!