ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन!

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन!           मेरे गाँव में कहावत है- ‘नाऊ की बारात में...

रामकुमार कृषक: विश्वसनीयता का संकट

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. रामकुमार कृषक: विश्वसनीयता का संकट            सत्तर के आस-पास का समय रहा होगा, जब रामकुमार कृषक साहित्य की...

वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन               निहायत सादगीपसंद और दिलचस्प गुफ़्तगू करने वाले ख़ुमार...

किताबी और दुनियावी इल्म के बीच शाइरी

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. किताबी और दुनियावी इल्म के बीच शाइरी             इल्म और शाइरी का क्या तअल्लुक है? इसको लेकर...
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