खेद है – एक राष्ट्रीय भावना का आधुनिक संस्करण

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

मीटर टेप के साये में-दो पहाड़ों का संवाद

हास्य-व्यंग्य मुकेश असीमित की कलम से…. मीटर टेप के साये में-दो पहाड़ों का संवाद            दो पहाड़ – एक बड़का भैया, एक छुटका भैया बरसों...

काल के कपाल पर

हास्य-व्यंग्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. काल के कपाल पर             कहते हैं, काल के कपाल पर पहले से ही हमारा भूत, वर्तमान...

देश में अभूतपूर्व पत्रकारिता का दौर

हास्य-व्यंग्य आदित्य की कलम से…. देश में अभूतपूर्व पत्रकारिता का दौर              बहुत-से लोगों के लिए यह निराशाजनक तथ्य है कि आधुनिक भारत में...

नेताजी-चमचाजी पुराण

हास्य-व्यंग्य आदित्य की कलम से…. नेताजी-चमचाजी पुराण            लोग घरों में तोते, कुत्ते, बिल्ली आदि पालते हैं और अधिकांश नेता अपने बौद्धिक स्तर के हिसाब...

बृज की एयरलाइंस

हास्य डॉ. मुकेश असीमित की कलम से…. बृज की एयरलाइंस            अभी कुछ दिन पहले हमारे देश के ख्यातिप्राप्त हास्य-व्यंग्यकार कवि डॉ. अशोक चक्रधर जी...

उल्लू बनो-बनाओ, लक्ष्मी जी को प्रसन्न करो

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. उल्लू बनो बनाओ, लक्ष्मी जी को प्रसन्न करो             किशमिश, काजू, बादाम सब महज़ 300 रु. किलो, फ़ेसबुक...

पर्दा है पर्दा

व्यंग्य मुकेश असीमित की कलम से…. पर्दा है पर्दा               राजा विशेष आरामगाह में आराम फ़रमा रहा था। विशेष इसलिए कि वह पहली...
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