गूंज | हरियश राय लिखित कहानी

सदियों से जन-मानस में शौर्य गाथा सुनाकर रग-रग में बिजली भर देने वाले आल्हा गायन ने कैसे दम तोड़ दिया? रोज़ी या कला के अंत: संघर्ष में घुटते लोक...

दूर देस में हिन्दी के अपनों का मन-2

हिन्दी की ज़मीनें… इस अंक के लिए आब-ओ-हवा के नियमित लेखक विवेक रंजन श्रीवास्तव ने एक प्रश्नावली तैयार कर विदेशों में बसे हिन्दी साहित्यकारों की राय जानी। यूनिवर्सिटी ऑफ़...

प्रतिमाएं और स्मृति-राजनीति का एक दशक

महापंडित कहे जाने वाले राहुल सांकृत्यायन (09.04.1893-14.04.1963) की प्रतिमा ध्वस्त किये जाने की घटना के परिप्रेक्ष्य में प्रतिमा-स्थापना एवं ध्वंस की संस्कृति के एक दशक (2016-2026) की पड़ताल निबंध...

रंग बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-8

पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से…. रंग बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-8             पिछली कड़ियों में हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के...

नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-5

पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से…. नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-5            पिछली कड़ियों में हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के बीच के चुटकुलों/कटाक्ष/हास्य...

मैं कौन हूँ! पुराना सवाल नये ढंग से पूछता ‘काकुलम’

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. मैं कौन हूँ! पुराना सवाल नये ढंग से पूछता ‘काकुलम’              भरत प्रसाद का उपन्यास ‘काकुलम’ पिछले...
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