January 23, 2026 आब-ओ-हवा काव्य निराला और वीणावादिनी निराला और वीणावादिनी महाप्राण निराला के काव्य में वीणावादिनी की गूंज, आभा और उपस्थिति अपरम्पार दिखती है। वह भारती वंदना करते हैं तो उसका स्वरूप भी वीणावादिनी का है,... Continue Reading
November 14, 2025 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें किताब, जादू और डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती ‘रौशन’ पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. किताब, जादू और डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती ‘रौशन’ मेरे बाएं हाथ में डॉ. स्वामी श्यामानंद सरस्वती... Continue Reading