मेरे भीतर की स्त्री-2

मेरे हिस्से का क़िस्सा… आब-ओ-हवा पर एक विशेष शृंखला। उम्र और सृजन का यादगार कथानक लिख चुके हस्ताक्षरों की कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी। इस सिलसिले में दूसरी दास्तान एक...

संगीत का चित्रकला में रूपांतरण-2

बृजेंद्र श्रीवास्तव की कलम से…. संगीत का चित्रकला में रूपांतरण-2              ‘संगीत का चित्रकला में रूपांतरण: कैसे और कितना सम्भव?’ पिछली कड़ी में हमने...

ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन!

पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन!           मेरे गाँव में कहावत है- ‘नाऊ की बारात में...

व्यंग्य की काव्य-यात्रा: कबीर से समकाल तक-2

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. व्यंग्य की काव्य-यात्रा: कबीर से समकाल तक-2 प्रयोगवाद और नई कविता (1943-1953) : बौद्धिक और संरचनात्मक व्यंग्य प्रगतिवाद के बाद प्रयोगवाद...

लगान: क्या है उपलब्धि और विरासत?

21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से चयन और इन फ़िल्मों का दस्तावेज़ीकरण… पाक्षिक...

रंग बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-8

पाक्षिक ब्लॉग विवेक मेहता की कलम से…. रंग बिरंगी: नामचीन साहित्यकारों की चुटकियां-8             पिछली कड़ियों में हिंदी साहित्य जगत के स्वनामधन्य लेखकों/कलमकारों के...

यादों की बारात: उर्दू अदब की सबसे बेहतरीन आत्मकथा

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. यादों की बारात: उर्दू अदब की सबसे बेहतरीन आत्मकथा                  “यादों की बारात” एक महान...

बग़ैर दुनिया के एआई की क्या अहमियत?

पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से…. बग़ैर दुनिया के एआई की क्या अहमियत? गूगल डीपमाइंड के सीईओ डेमिस हसाबिस ने हाल ही (21 मई 2026) एक इंटरव्यू में...
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