अगर तीसरा युद्ध हुआ तो? …नीरज की यादगार कविता

गूंज बाक़ी… दुनिया के हालात के मद्देनज़र कैसे कोई कविता प्रासंगिक हो जाती है! गोपालदास नीरज की एक कविता जैसे फिर ज़िंदा हो गयी है। दशकों पहले कविता पढ़ते...

अमेरिका-इज़राइल के तीखे विरोध की अपील

अमेरिका-इज़राइल के तीखे विरोध की अपील मध्य-पूर्व एशिया में हालात तनावपूर्ण हैं और ख़बरों की मानें तो ईरान में जश्न और मातम का मिला जुला माहौल है। ईरान के...

आज रंग है….

हिंदुस्तान यानी एक रंग-रंगीली सरगम। हर सुर, हर रंग एक-दूसरे में घुला-मिला हुआ, रचा-बसा हुआ। यही इंद्रधनुषी धुन देश की तहज़ीब है। प्यार, वाबस्तगी और एका के पैग़ाम सभी...

दूब: हर चौथे मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. दूब: हर चौथे मध्यमवर्गीय परिवार की कहानी            हरियश राय हिंदी के उन उल्लेखनीय कथाकारों में हैं, जो...

परचमों में क़ैद होकर रह गया हर रंग है

पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. परचमों में क़ैद होकर रह गया हर रंग है रंग ज़िन्दगी को तालीम भी देते हैं और तरबीयत भी। रंग होंठों पर...

हिंदी नाटक में व्यंग्य-चेतना का विकास

पाक्षिक ब्लॉग अरुण अर्णव खरे की कलम से…. हिंदी नाटक में व्यंग्य-चेतना का विकास : इतिहास और वर्तमान हिंदी साहित्य के प्रारंभिक वर्षों में व्यंग्य-नाटक व्यापक रूप से लिखे...

पर्यावरण और औद्योगिक कचरा

पाक्षिक ब्लॉग विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. पर्यावरण और औद्योगिक कचरा घर आंगन में आग लग रही सुलग रहे वन उपवन दर दीवारें चटख रही हैं जलते छप्पर...

दृष्टिकोण, आंदोलन, मौलिकता और क़ैफ़ी आज़मी

पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. दृष्टिकोण, आंदोलन, मौलिकता और क़ैफ़ी आज़मी          ‘गूंजती आवाज़ें’ में प्रस्तुत आलेख मेरी स्मृति के पन्ने थे, जिन्हें मैं...
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