युद्ध के नये मोर्चे और डिजिटल घेराबंदी

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. युद्ध के नये मोर्चे और डिजिटल घेराबंदी             आज के समय में युद्ध केवल सीमाओं पर टैंकों और...

इस्लाम: सत्ता संघर्ष और वैश्विक शांति की राह

विवेक रंजन श्रीवास्तव विदेश यात्राओं पर हैं और युद्ध के चलते लंदन में रुके हुए हैं। इस दौरान वह नियमित रूप से शब्दों को समय दे रहे हैं। आब-ओ-हवा...

मोदी जी की उपलब्धियां

हास्य-व्यंग्य श्रीकांत आप्टे की कलम से…. मोदी जी की उपलब्धियां            बारह साल हो गये मोदीजी को प्रधानमंत्री बनकर। तीसरी बार प्रधानमंत्री पद की शपथ...

पहली ‘उड़ान’ में अभिजीत की ‘साइकिल’ का कौतुक

पहली ‘उड़ान’ में अभिजीत की ‘साइकिल’ का कौतुक                चण्डीगढ़। शहर में कला गतिविधियों का एक सिलसिला बना हुआ है। 6 मार्च 2026...

देह की अनसुनी भाषा

पुस्तक चर्चा मधु सक्सेना की कलम से…. देह की अनसुनी भाषा             संसार में दुख कोई नयी बात नहीं है। हज़ारों तरह के दुख...

भारत में महिला पत्रकारिता, एक दस्तावेज़

भारत में महिलाओं की पत्रकारिता के पूरे इतिहास और वर्तमान को दर्ज करती हुई किताब है ‘आधी दुनिया की पूरी पत्रकारिता’। मंगला अनुजा की यह पुस्तक महिला पत्रकारिता के...

होली की आध्यात्मिकता

निबंध विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. होली की आध्यात्मिकता            होली, जिसे रंगों का त्यौहार कहा जाता है, भारतीय संस्कृति और सनातन परम्परा का...

युद्ध में दुनिया और बुद्ध की प्रासंगिकता

विवेक रंजन श्रीवास्तव विदेशों की यात्राओं पर हैं। इस दौरान वह नियमित रूप से शब्दों को समय दे रहे हैं। आब-ओ-हवा पर विशेष रूप से इस वैचारिकी, नोट्स, अनुभव...

“मैं कुछ नहीं करती..”

संदर्भ-अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस, प्रमोद दीक्षित मलय की कलम से…. “मैं कुछ नहीं करती..”             गत वर्ष फरवरी के उत्तरार्ध में शिक्षकों के एक तीन-दिवसीय...
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