September 14, 2026 आब-ओ-हवा जो है सो है वशिष्ठ अनूप व आत्ममुग्धता की शिकार हिंदी ग़ज़ल नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. वशिष्ठ अनूप व आत्ममुग्धता की शिकार हिंदी ग़ज़ल हां! कुछ अपवादों को छोड़ दिया जाये तो हिंदी... Continue Reading
August 14, 2026 आब-ओ-हवा जो है सो है हिंदी ग़ज़ल के गिरोह की भावना नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हिंदी ग़ज़ल के गिरोह की भावना डॉ. भावना की हैसियत बिहार में परवीन शाकिर से कहीं... Continue Reading
July 15, 2026 आब-ओ-हवा जो है सो है ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन! पाक्षिक ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. ओम निश्चल: हिंदी ग़ज़ल में वरिष्ठों का नौसीखियापन! मेरे गाँव में कहावत है- ‘नाऊ की बारात में... Continue Reading
July 30, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं ग़ज़ल: ख़ास और आम के बीच की बात आशीष दशोत्तर की कलम से…. ग़ज़ल: ख़ास और आम के बीच की बात ख़ुदा-ए-सुख़न मीर कहते हैं-शेर मेरे हैं गो ख़वास-पसंदपर मुझे... Continue Reading