गीत अब — मनोज जैन मधुर 1.हर टीपकार का धन्यवाद। जो मुझसे घोर असहमत हैंहां थोड़े-थोड़े सहमत हैंया फिर पूरे घटनाक्रम पर,आये हैं देने मुझे दाद हर टीपकार काधन्यवाद।...
हिंदुस्तान यानी एक रंग-रंगीली सरगम। हर सुर, हर रंग एक-दूसरे में घुला-मिला हुआ, रचा-बसा हुआ। यही इंद्रधनुषी धुन देश की तहज़ीब है। प्यार, वाबस्तगी और एका के पैग़ाम सभी...
क्या हैं नवगीत और कैसे? नवगीतों का रंग-रूप और चाल-चरित्र क्या होता है? इस विषय पर नवगीतकार ख़ुद क्या महसूस करते हैं! भोपाल में 5 फरवरी को नवगीत केंद्रित...