December 15, 2025 आब-ओ-हवा संगीत-नृत्य वन्दे मातरम: सुरों के सफ़र की दास्तान ‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक... Continue Reading
July 31, 2025 आब-ओ-हवा आलेख जब इतिहास ही खो जाये.. मुंशी प्रेमचंद (31.07.1880-08.10.1936) की जयंती के अवसर पर यह वैचारिकी प्रेमचंद के साहित्य का ऐतिहासिक महत्व समझाती है और यह भी कि इस साहित्य को किस तरह संरक्षित किया... Continue Reading