डीकोडिंग गांधी वाया हिंद स्वराज

प्रसंगवश… मूलत: ‘हिंद स्वराज और महात्मा गांधी’ शीर्षक वाले इस लेख में गांधी के गहन विचारों का अध्ययन एवं ​विश्लेषण पर्याप्त गहनता से है। ‘हिन्द स्वराज’ के शताब्दी वर्ष...

तीन क़िस्से: गांधीजी की दूरदृष्टि, स्पर्श व परिहास

गूंज बाक़ी… साहित्य के ऐतिहासिक पन्नों से नायाब और दिलचस्प क़िस्से खोज लाते हैं विवेक मेहता। आब-ओ-हवा के लिए ‘रंग-बिरंगी’ ब्लॉग की प्रस्तुति ऐसे ही पन्नों की देन है।...

क्या आज़ादी के बाद स्वराज का स्वप्न पूरा हुआ?

अरुण कुमार डनायक की कलम से…. क्या आज़ादी के बाद स्वराज का स्वप्न पूरा हुआ?                ‘स्वराज’ शब्द की जड़ें भारतीय प्राचीन परंपरा...

हिंदी पत्रकारिता का इतिहास-बोध

ख़बरनामा:200… हर शनिवार, इस शृंखला के लेख हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास की प्रवृत्तियों, सीमाओं, उपलब्धियों और अंतर्विरोधों को समझने का प्रयास हैं। इन लेखों को इन्हें...

भारतीय दर्शन और पर्यावरण चेतना

नियमित ब्लॉग विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. भारतीय दर्शन और पर्यावरण चेतना             भारतीय संस्कृति में प्रकृति जड़ वस्तु, उपभोग की सामग्री या...

मुशायरे: रिवायत, अहमियत और फ़ायदे

नियमित ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. मुशायरे: रिवायत, अहमियत और फ़ायदे मुशायरा उर्दू ज़बान व अदब की एक ज़िंदा और दीप्तिमान रिवायत है, जो शायरी की उन्नति, सांस्कृतिक...

हिंदी पत्रकारिता का भारत-बोध

ख़बरनामा:200… इस साप्ताहिक शृंखला के लेख हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास की प्रवृत्तियों, सीमाओं, उपलब्धियों और अंतर्विरोधों को समझने का प्रयास हैं। इन लेखों को इन्हें लिखने...

एडविना-नेहरू पवित्र प्रेम की अनूठी मिसाल

आब-ओ-हवा के सिलसिले ‘गूंज बाक़ी’ के लिए एक और यादगार लेख। अक्टूबर 1991 धर्मयुग में प्रकाशित लाडलीमोहन निगम का यह लेख जवाहरलाल नेहरू और एडविना उर्फ़ लेडी माउंटबैटन के...
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