प्रेमचंद, सज्जाद ज़हीर और प्रगतिशील आंदोलन

31 जुलाई प्रेमचंद जयंती पर ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. प्रेमचंद, सज्जाद ज़हीर और प्रगतिशील आंदोलन             तरक़्क़ी-पसंद अदीबों का पहला ग्रुप साल 1935...

प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियां: नया नज़रिया

पुस्तक चर्चा डॉ. अस्मिता सिंह की कलम से…. प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियां: नया नज़रिया            “प्रेमचंद की अल्पचर्चित कहानियाँ”, हिन्दी के अन्यतम आलोचक आनंद प्रकाश...

हिंदी और उर्दू दोनों का शाहकार उपन्यास

नियमित ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. हिंदी और उर्दू दोनों का शाहकार उपन्यास                 ‘गोदान’, मुंशी प्रेमचंद के इस नॉवेल का...

दरवाज़ा

मुंशी प्रेमचंद ने शुरू में (और उसके बाद भी) ‘नवाबराय’ नाम से उर्दू में विशद लेखन किया। हालांकि अब के हिंदी पाठकों तक उनकी उर्दू कहानियां कम ही पहुंचीं।...
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