आख़िर हमें ‘एआई मैनेजर’ क्यों चाहिए?

हिंदी की ज़मीनें… वर्तमान समय में दुनिया में कृत्रिम बौद्धिकता शोध ही नहीं, उद्योग ही नहीं बल्कि आम जनजीवन में सर्वाधिक चर्चित विषयों में शुमार है। लेकिन क्या आप...

एआई को प्लीज़ थैंक्स कहना छोड़िए

पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से…. एआई को प्लीज़ थैंक्स कहना छोड़िए बिजली संकट भविष्य की चुनौतियों में किस प्रकार हमारे सामने खड़ा है, इसका अनुमान आप अपनी...

क्या संकट में है हमारी एआई सम्प्रभुता?

पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से…. क्या संकट में है हमारी एआई सम्प्रभुता?            पहले यूक्रेन, फिर वेनेज़ुएला और अब ईरान। साम्राज्यवादी महाशक्तियों को...

क्या हम ‘आख़िरी आविष्कार’ के नज़दीक हैं?

पाक्षिक ब्लॉग ए. जयजीत की कलम से…. क्या हम ‘आख़िरी आविष्कार’ के नज़दीक हैं?             हाल ही नई दिल्ली में आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट...

एक मंगल-यात्रा के बाद अब मंगलयान-2 से उम्मीदें

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

तो क्या इंसानी दिमाग़ की उल्टी गिनती शुरू?

पाक्षिक ब्लॉग जयजीत अकलेचा की कलम से…. तो क्या इंसानी दिमाग़ की उल्टी गिनती शुरू?             कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) ने हाल...
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