वेलेस: सिनेमाई रचनात्मक स्वतंत्रता का पहला विचार

नियमित ब्लॉग चारु शर्मा की कलम से…. वेलेस: सिनेमाई रचनात्मक स्वतंत्रता का पहला विचार ऑर्सन वेलेस (Orson Welles) का नाम विश्व सिनेमा के इतिहास में उन कलाकारों में लिया...

गोल्लागुप्पा की घटना, मीडिया की सक्रियता: संदेश क्या?

नियमित ​ब्लॉग डॉ. आलोक त्रिपाठी की कलम से…. गोल्लागुप्पा की घटना, मीडिया की सक्रियता: संदेश क्या?             पिछले महीने के शुरू में आंध्र प्रदेश...

भाषा, जीवन और नियंत्रण का अदृश्य तंत्र

नियमित ब्लॉग डॉ. संजीव जैन की कलम से…. भाषा, जीवन और नियंत्रण का अदृश्य तंत्र           ध्वनि से अर्थ तक: लेखन की आंतरिक यात्रा का...

आलापचारी: मां-बेटी के रिश्तों का नया रूप

नियमित ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. आलापचारी: मां-बेटी के रिश्तों का नया रूप               रजनी गुप्त हिंदी की जानी-मानी, चर्चित कथाकार हैं।...

मुशायरे: रिवायत, अहमियत और फ़ायदे-2

नियमित ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. मुशायरे: रिवायत, अहमियत और फ़ायदे-2              अब रुख़ करते हैं दिल्ली के दीगर मुशायरों की तरफ़। दरबारी...

बाज़ार और सांप्रदायिकता

नियमित ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. बाज़ार और सांप्रदायिकता मुक्त रहना यह कठिन काम है- आंद्रे ज़ीद धर्म और मनोरंजन की दो झीनी परतें देह पर चिपकी हैं।...

सदी के ‘नये तेल’: पर्यावरण की बड़ी चुनौती

नियमित ब्लॉग विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. सदी के ‘नये तेल’: पर्यावरण की बड़ी चुनौती             स्मार्टफ़ोन की चमचमाती स्क्रीन से लेकर इलेक्ट्रिक...

भावेश जोशी और हमारे सुपरहीरो

इस स्तंभ में 21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की दृष्टि से चयन… नियमित ब्लॉग (भाग-14)...

हरेराम समीप और हिंदी ग़ज़ल में कन्फ़्यूज़न

नियमित ब्लॉग ज्ञानप्रकाश पांडेय की कलम से…. हरेराम समीप और हिंदी ग़ज़ल में कन्फ़्यूज़न             ग़ज़ल एक ऐसी सिन्फ़ है, जिसमें शब्दों के रख-रखाव...
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