गूंज बाक़ी… हिंदी कविता और गीत के प्रसिद्ध हस्ताक्षर गोपालदास नीरज की एक भूली-बिसरी रचना। यह रचना ‘सुमित्रा’ पत्रिका के सितम्बर 1952 अंक में ‘मिट्टीवाला’ शीर्षक से प्रकाशित हुई...
पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. बोलती, ठहरती, दिखती, छुपती आवाज़ ग़ौर से सुनिए। कोई आवाज़ दे रहा है। यह आवाज़ तो जानी-पहचानी-सी लग रही है। कब सुनी...