August 14, 2026 आब-ओ-हवा 25 बरस 25 फ़िल्में ‘मुल्क’ से बदलते सिनेमा का अनुभव सिनेमा जगत में एक ख़ास तरह की फ़िल्मों के लिए पूरी आज़ादी का माहौल है तो दूसरी ख़ास तरह की फ़िल्मों के लिए पूरी पाबंदी का। इस बीच एक... Continue Reading
August 14, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं सात दशक बाद भी रही आस की आस आज जब हम हर शब्द के मायने भूल रहे हैं, हर शब्द अपना अर्थ खोता जा रहा है तब ‘आज़ादी’ शब्द के अर्थ को क़ायम रखना हमारा कर्तव्य हो... Continue Reading
August 14, 2026 आब-ओ-हवा आलेख अप-संस्कृति और हिंदी-लेखन डॉ. अस्मिता सिंह की कलम से…. अप-संस्कृति और हिंदी-लेखन यह अप-संस्कृति का दौर है। संस्कृति का स्वरूप हर युग में बदलता रहा... Continue Reading
August 14, 2026 आब-ओ-हवा सिनेमा क्यों देखी जाये “मैं वापस आऊंगा”? फ़िल्म चर्चा आकांक्षा की कलम से…. क्यों देखी जाये “मैं वापस आऊंगा”? ऐसा नहीं कि विभाजन पर पहले फ़िल्में नहीं बनीं। ऐसा भी... Continue Reading
August 14, 2026 आब-ओ-हवा नज़रिया हिंदी पत्रकारिता का भारत-बोध ख़बरनामा:200… इस साप्ताहिक शृंखला के लेख हिंदी पत्रकारिता के 200 वर्षों के इतिहास की प्रवृत्तियों, सीमाओं, उपलब्धियों और अंतर्विरोधों को समझने का प्रयास हैं। इन लेखों को इन्हें लिखने... Continue Reading