गांधी और हिंदी सिनेमा: एक यात्रा

प्रसंगवश… मूलत: ‘गांधी के जीवनादर्शों का हिंदी सिनेमा पर प्रभाव’ शीर्षक वाले इस लेख में गांधी के विचारों को परदे पर लाती फ़िल्मों का समाजशास्त्रीय ​विश्लेषण पर्याप्त है। अनहद...

‘क्वीन’ के बाद: हिंदी सिनेमा में स्त्री का पुनर्लेखन

‘हिंदी की ज़मीनें’ अंक में प्रसंगवश… इस स्तंभ में 21वीं सदी के 25 वर्षों में से वो 25 भारतीय फ़िल्में, जो टर्निंग पॉइंट साबित हुईं। एक युवा फ़िल्मकार की...

अवतार कौल: यह क़ाबिल डायरेक्टर याद है आपको?

पुस्तक चर्चा ज़ाहिद ख़ान की कलम से…. अवतार कौल: यह क़ाबिल डायरेक्टर याद है आपको?            हिन्दी सिनेमा में जब भी समानान्तर सिनेमा की बात...
error: Content is protected !!