जब सिनेमा बेकरार था कि सत्यजीत रे आएं…

गूंज बाक़ी… सत्यजीत रे (02.05.1921-23.04.1992) की याद के दिन एक महत्वपूर्ण दस्तावेज़। 1980 में नैशनल बुक ट्रस्ट से छपी किताब ‘सत्यजीत राय का सिनेमा’, लेखक चिदानंद दास गुप्ता और...

क्यों बार-बार देखी जाये सत्यकाम?

‘याद आते रहेंगे धर्मेंद्र’ सिनेमा नोट्स ब्रज श्रीवास्तव की कलम से…. क्यों बार-बार देखी जाये सत्यकाम?             सत्यकाम (1969), धर्मेंद्र इस फ़िल्म में सिर्फ़...

बड़ी अनोखी थी प्लेबैक गायकी की पहली-पहली आवाज़

पाक्षिक ब्लॉग मिथलेश रॉय की कलम से…. बड़ी अनोखी थी प्लेबैक गायकी की पहली-पहली आवाज़              ब्लैक एंड व्हाइट सिनेमा और उसके दशकों की...
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