मेरे भीतर की स्त्री-2

मेरे हिस्से का क़िस्सा… आब-ओ-हवा पर एक विशेष शृंखला। उम्र और सृजन का यादगार कथानक लिख चुके हस्ताक्षरों की कहानी, उन्हीं की ज़ुबानी। इस सिलसिले में दूसरी दास्तान एक...

किश्वर नाहीद की बुरी औरत की कथा

पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. किश्वर नाहीद की बुरी औरत की कथा          “बुरी औरत की कथा” किश्वर नाहीद लिखित ख़ुद-नविश्त सवानिह उमरी (आपबीती)...

मीना कुमारी की शायरी: ख़ामोशी व ठहराव​

विवेक रंजन श्रीवास्तव की कलम से…. मीना कुमारी की शायरी: ख़ामोशी व ठहराव              सिनेमा के सुनहरे पर्दे पर जब-जब ट्रेजेडी और अभिनय की...

इंद्रधनुष-8 : रुख़साना जबीन

इंद्रधनुष-8 : रुख़साना जबीन की शायरी   1955 में कश्मीर में जन्मी रुख़साना जबीन को समकालीन उर्दू अदब में ख़ास मुकाम हासिल है। कश्मीर में मुस्लिम महिला होते हुए...

ममतालु अकादमी

‘मान’ सहज व रोचक अंदाज़ में उस परिदृश्य को सामने लाती है, जो इस शती के पूर्वार्द्ध तक के समाज की तस्वीर रहा है। अंत में कहानी के पारंपरिक...

ज्योत्स्ना… तेरी राजी

याद बाक़ी… पिछले दिनों लेखक राजी सेठ हमारे बीच नहीं रहीं, आब-ओ-हवा की ओर से विनम्र श्रद्धांजलि। कथा संसार के साथ ही उनका पत्र साहित्य भी पठनीय और चर्चित...

क्या कहती हैं पाकिस्तान की इन लेखकों की कहानियां?

पाक्षिक ब्लॉग नमिता सिंह की कलम से…. क्या कहती हैं पाकिस्तान की इन लेखकों की कहानियां?           ‘मसरूफ़ औरत’ दो वर्ष पहले रेख़्ता पब्लिकेशन द्वारा...
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