October 15, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं शेर और शाइरी के बीच की जगह नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शेर और शाइरी के बीच की जगह किसी भी शेर की ख़ूबसूरती का अंदाज़ा इसी... Continue Reading
July 30, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं ग़ज़ल: ख़ास और आम के बीच की बात आशीष दशोत्तर की कलम से…. ग़ज़ल: ख़ास और आम के बीच की बात ख़ुदा-ए-सुख़न मीर कहते हैं-शेर मेरे हैं गो ख़वास-पसंदपर मुझे... Continue Reading