प्रासंगिकता के चलते आब-ओ-हवा पर प्रस्तुति के लिए ‘हम देखेंगे’ पत्र से विशेष रूप से प्राप्त, ईरानी सिनेमा पर यह चर्चा सुधन्वा देशपांडे की कलम से निकली है, जिसका...
मासिक ब्लॉग निशांत कौशिक की कलम से…. ईरान, सादिक़ हिदायत और अंधा उल्लू मन फ़क़त बराए साये-अम मी-नवीसम के दर मुक़ाबिल-ए-नूर रूए दीवार अंदाख़्ते मी-शवद।...