February 28, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं परचमों में क़ैद होकर रह गया हर रंग है पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. परचमों में क़ैद होकर रह गया हर रंग है रंग ज़िन्दगी को तालीम भी देते हैं और तरबीयत भी। रंग होंठों पर... Continue Reading
February 11, 2026 आब-ओ-हवा ख़बरें अली अब्बास उम्मीद के मिसरों पर कहे गये शेर अली अब्बास उम्मीद के मिसरों पर कहे गये शेर भोपाल। उस्ताद शायर ज़फ़र सहबाई की सदारत में “सुख़न-सराए” भोपाल के ज़ेरे-एहतमाम ब-यादे डॉक्टर... Continue Reading
January 30, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं सुबह और सांझ के माथे पर ग़मों की गठरी पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. सुबह और सांझ के माथे पर ग़मों की गठरी अलसुबह अरमानों को अपनी कांख में दबाकर... Continue Reading
January 30, 2026 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें इल्म, तजुर्बा, थ्योरी और अख़्तरुल ईमान पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. इल्म, तजुर्बा, थ्योरी और अख़्तरुल ईमान ज़िंदगी मुझसे कह रही थी कि उम्र सवालों की जा... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा गूंजती आवाज़ें दरिया, कुहरा, मौत और नरेश कुमार शाद पाक्षिक ब्लॉग सलीम सरमद की कलम से…. दरिया, कुहरा, मौत और नरेश कुमार शाद पता नहीं मैं अपनी कच्ची उम्र के किस... Continue Reading
January 15, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन निहायत सादगीपसंद और दिलचस्प गुफ़्तगू करने वाले ख़ुमार... Continue Reading
October 15, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं शेर और शाइरी के बीच की जगह नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शेर और शाइरी के बीच की जगह किसी भी शेर की ख़ूबसूरती का अंदाज़ा इसी... Continue Reading