January 15, 2026 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन पाक्षिक ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. वक़्त के ज़ख़्म और ग़ज़ल का दामन निहायत सादगीपसंद और दिलचस्प गुफ़्तगू करने वाले ख़ुमार... Continue Reading
October 15, 2025 आब-ओ-हवा ग़ज़ल: लौ और धुआं शेर और शाइरी के बीच की जगह नियमित ब्लॉग आशीष दशोत्तर की कलम से…. शेर और शाइरी के बीच की जगह किसी भी शेर की ख़ूबसूरती का अंदाज़ा इसी... Continue Reading