बीते जीवन की स्मृतियों से गलबहियाँ करना अर्थात अतीत-राग सुखद अहसास होता है, नॉस्टैल्जिया साहित्य के लिए अत्यंत उपजाऊ विषय है क्योंकि यह रचनात्मकता को जन्म देता है। समकालीन...
पाक्षिक ब्लॉग डॉ. आज़म की कलम से…. मंटो की वह किताब, जिससे जन्मी नयी विधा सआदत हसन मंटो उर्दू कथा साहित्य (अफ़सानवी अदब) के नायक हैं। प्रेमचंद के बाद...
मुंशी प्रेमचंद ने शुरू में (और उसके बाद भी) ‘नवाबराय’ नाम से उर्दू में विशद लेखन किया। हालांकि अब के हिंदी पाठकों तक उनकी उर्दू कहानियां कम ही पहुंचीं।...